Printer-friendly version

कोयला मंत्रालय तथा इस मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन कार्यरत अधीनस्‍थ कार्यालयों में लोक शिकायत निवारण तंत्र (पीजीआरएम) की कार्य प्रणाली ।

कोयला मंत्रालय, उसके अधीनस्‍थ कार्यालयों तथा मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों में एक मानक लोक शिकायत तथा स्‍टाफ शिकायत निवारण प्रणाली मौजूद है।

कोयला मंत्रालय में निदेशक स्‍तर के एक अधिकारी को निदेशक (लोक शिकायत) नामित किया गया है। इस समय श्री अनिमेष भारती, आर्थिक सलाहकार , कोयला मंत्रालय को पीजीआरएम के कार्यात्‍मक प्रक्रिया के प्रमुख के रूप में निदेशक (लोक शिकायत) नामित किया गया है। कार्यालय का पता पंचम तल, लोक नायक भवन, नई दिल्‍ली है तथा दूरभाष सं. 24655949 है। प्रत्‍येक बुद्धवार ’बैठक विहीन दिन’ के रूप में नामित किया गया है ताकि लोक शिकायत याचिकाकर्त्‍ता स्‍वतंत्र रूप से निदेशक (लोक शिकायत) से मिल सकें। शास्‍त्री भवन स्‍थ्‍िात सुविधा काउन्‍टर को निदेश दिया गया है कि वे आगन्‍तुकों को बिना पूर्वानुमति के बुद्धवार को अधिकारियों से मिलने की अनुमति दें सूचना तृतीय तल शास्‍त्री भवन में बोर्ड पर प्रदर्शित की जाती है।

निदेशक (प्रशासन) को कोयला मंत्रालय में स्‍टाफ शिकायत अधिकारी के रूप में नामित किया गया है। वे कोयला मंत्रालय के स्‍टाफ की शिकायत के मामलों की सुनवाई करते है।

सभी शिकायतों की विधिवत रूप से पावती दी जाती हैं। मामलों के निपटान के लिए लगने वाला समय मामले की प्रकृति पर निर्भर करता है। तथापि, मामला औसतन एक अथवा दो महीने के समय में निपटाया जाता है। कोल इंडिया लिमिटेड तथा सभी क्षेत्रीय यूनिटों को शिकायतों के निपटारे के लिए प्रशासनिक सुधार तथा लोक शिकायत विभाग द्वारा निर्धारित मानकों को अनुपालन करने तथा उन्‍हें अपनाने की सलाह दी गई है।

इस मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन कार्यरत सभी संगठनों को सलाह दी गई है कि वे लोक शिकायतों के निपटारे के उद्देश्‍य से प्रत्‍येक बुद्धवार के दिन कोई बैठक न रखें। उप सचिव तथा उससे उपर के स्‍तर के सभी अधिकारियों को सलाह दी गई है कि वे प्रात: 10.00 बजे से अपराह्न 1 बजे तक तीन घंटे के लिए शिकायत से संबंधित मामलों पर कार्रवाई करें। सीआईएल को अनुदेश दिए गए हैं कि वे समाचार कालमों में प्रकाशित उन शिकायतों को संकलित करें जो उनसे संबंधित हैं और उन पर समयबद्ध तरीके से उपचारात्‍मक कार्रवाई करें।

लोक शिकायत निवारण तंत्र (पीजीआरएम) की कार्य प्रणाली को कोयला मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट में परिलक्षित किया जा रहा है। सभी कोयला कंपनियों को सलाह दी गई है कि वे उसे अपनी वार्षिक रिपोर्टों में भी परिलक्षित करें।

अधिकांश लोक शिकायतें सार्वजनिक क्षेत्र की कोयला कंपनियों तथा अधीनस्‍थ कार्यालयों से संबंधित थी। विभिन्‍न स्रोतों से प्राप्‍त शिकायतों को विश्‍लेषण तथा जांच हेतु संबंधित कोयला कंपनियों को भेजा जाता है। प्राप्‍त शिकायतों पर विचार किया जाता है और संबंधित व्‍यक्‍ति को मंत्रालय के अंतिम विचार के बारे में सूचित किया जाता है।

पीआरआईडब्‍ल्‍यू-II अनुभाग जनता, कोयला कंपनियों के कर्मचारियों, प्रशासनिक सुधार तथा लोक शिकायत विभाग, मंत्रिमंडल सचिवालय, राष्‍ट्रपति सचिवालय कार्यालय, प्रधानमंत्री कार्यालय तथा अतिविशिष्‍ट व्‍यक्‍तियों आदि से प्राप्‍त याचिकाओं/अभ्‍यावेदनों का निपटारा करता है। विभिन्‍न स्रोतों से प्राप्‍त याचिकाएं संबंधित कंपनी को भेज दी जाती हैं, ताकि वे मंत्रालयों को सूचित करते हुए याचिकाकर्त्‍ताओं को सीधे ही उपयुक्‍त जवाब दे सकें। अति विशिष्‍ट व्‍यक्‍तियों के संदर्भ के मामले में हम रिपोर्ट मंगाते हैं तथा विचार करने के बाद मंत्रालय के अंतिम निर्णय के बारे में संबंधित अति विशिष्‍ट व्‍यक्‍ति को अवगत कराया जाता है।

सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लि. में ‘एक मानक लोक शिकायत और स्‍टाफ शिकायत निवारण तंत्र’ विकसित किया गया है। असंतुष्‍ट कामगार खान स्‍तर पर अपनी शिकायत व्‍यक्‍तिगत रूप से प्रस्‍तुत कर सकता है और ऐसी शिकायतों की जांच की जाती है और 10 दिनों के भीतर उत्‍तर दिया जाता है। असंतुष्‍ट याचिकाकर्त्‍ता अपनी शिकायतें क्षेत्रीय शिकायत निवारण समिति को प्रस्‍तुत कर सकते हैं जो शिकायतों की जांच करते हैं और 10 दिनों के भीतर संबंधित कामगार को निर्णय की सूचना देते हैं। यदि कामगार समिति के उत्‍तर से सन्‍तुष्‍ट नहीं होता है तो वह कंपनी के निदेशक (कार्मिक) को शिकायत प्रस्‍तुत कर सकता है। उपर्युक्‍त प्रणाली एससीसीएल में सन्‍तोषजनक कार्य कर रही है।